Home जीवन मंत्र Aarti Laxmi Mata ki: जानिए लक्ष्मी माता की आरती की पूरी विधि,...

Aarti Laxmi Mata ki: जानिए लक्ष्मी माता की आरती की पूरी विधि, कब और कैसे करें

लक्ष्मी जी की आरतीः धन की देवी मां लक्ष्मी की आरती पूरे भावपूर्ण तरीके से की जानी चाहिए।

30
aarti laxmi mata ki

आरती करने से मन ही पवित्र नहीं होता, वरन समूचा वातावरण पवित्र हो उठता है। आरती अपने आराध्य के प्रति श्रृद्वा का भाव है। हिन्दू धर्म में पूजा के बाद की जाने वाली पूजन की संपूर्णता है। आरती के एक-एक शब्द हमारे मन को प्रकाशित करते हैं। हमें सत्य के मार्ग पर चलने और बुराई से दूर रहने के लिए निर्देशित करते हैं। आरती शक्ति है, आरती भाव है, आरती आनंद है, जो हमें ईश्वर की ओर से प्राप्त होती है। ईश्वर की आराधना और उसके बाद आरती करने से हमारा रोम-रोम पुलकित हो उठता है। हजारों सालों से पूजा के बाद आरती करने के परंपरा का वैज्ञानिक महत्व भी है। वैज्ञानिकों के अनुसार आरती में शामिल शब्द की गूंज से नकारात्मक शक्ति दूर होती है और हमें सकारात्मक शक्ति प्राप्त होती है। Aarti laxmi mata ki

श्री लक्ष्मी माता की आरती (Aarti laxmi mata ki)

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

लक्ष्मी जी की आरती: जानिए पूरी विधि, कब और कैसे करें (Aarti laxmi mata ki)

Also Read:

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज, ट्विटर और गूगल प्लस पर फॉलो करें

Leave a comment