Alwar Gangrape: मायावती लेगी कांग्रेस से वापस समर्थन, कभी भी गिर सकती है राजस्थान में कांग्रेस सरकार

मांगें नहीं माने जाने पर बसपा किसी भी पल ले सकती है बड़ा फैसला

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bsp chief mayawati statement over withdraw support from rajasthan govt

नई दिल्ली : अलवर में पति को बंधक बनाकर दलित महिला से गुर्जर जाति के पांच युवकों द्वारा सामुहिक दुष्कर्म का मामला दिनोंदिन जोर पकड़ता जा रहा है। अलवर दलित महिला के साथ हुए इस गैंगरेप के खिलाफ देशभर के लोगों का आक्रोश भड़का हुआ है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि अभी तक इस मामले में की गई कार्रवाई से वे राज्य की कांग्रेस सरकार से संतुष्ट नहीं है। ऐसे में वे किसी भी पल बड़ा राजनीतिक फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है।

बता दें कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बसपा विधायकों के समर्थन से चल रही है। ऐसे में बसपा अपना समर्थन वापस लेती हैं तो राज्य की कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ जाएगी। बसपा ने इस गैंगरेप के सभी आरोपियों को कड़ी कार्रवाई करने, पीड़िता को सरकारी नौकरी व 50 लाख रूपए दिए जाने की मांग की है।

रोजाना हो रहे धरना-प्रदर्शन

अलवर गैंगरेप मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आमजन सड़क पर उतर आया है। लोग इस मामले में कड़ी कार्रवाई व महिला को समुचित सुरक्षा मुहैया कराने की मांग को लेकर रोजाना धरना-प्रदर्शन कर रहे है। अनेकों सामाजिक संगठनों की ओर से हो रहे इस प्रदर्शन के दौरान लोगों का कहना है कि कांग्रेस सरकार में अपराधी बेखौफ घूम रहे है। महिलाओं पर अत्याचार बढ़ गया है।

महिलाएं पूछ रही है कब होगा न्याय

इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने महिला सुरक्षा के बड़े वायदे किए थें। बड़े पोस्टरों में अब होगा न्याय का नारा भी कांग्रेस पार्टी ने दिया था। राज्य में कांग्रेस की सरकार है। ऐसे में इतना बड़ा गैंगरेप होने के बाद भी राज्य की महिलाएं स्वयं को असुरक्षित महसुस कर रही है। राज्य की महिलाएं पूछने पर मजबूर है कि महिलाओं के साथ आखिर कब होगा न्याय?

पीड़िता से नहीं मिलने पहुंचे सीएम गहलोत

अलवर गैंगरेप की आवाज पूरे देश में सुनी जा सकती है। वाक्या जानकर हरकोई हैरान है, आक्रोशित है। लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस मामले में असंवेदनशील दिखाई दे रहे हैं। वे अब तक पीडित परिवार को दिलासा देने भी नहीं पहुंचे। कलेक्टर के माध्यम से 4 लाख की मुआवजा राशि जारी कर इतिश्री कर ली गई है।

बीजेपी के पूर्वमंत्री ने दिया राजीनामें का दबाव

भाजपा के पूर्व मंत्री हेमसिंह भड़ाना ने पीड़िता के पति को 25 लाख रूपए लेकर मामला रफादफा करने दबाव डाला। पिछले दिनों गैंगरेप पीड़िता से मिलने भाजपा नेताओं की एक टीम गांव पहुंची थी। बता दें कि गैंगरेप के सभी आरोपी गुर्जर समाज के हैं तथा भाजपा टीम में शामिल पूर्वमंत्री भड़ाना भी गुर्जर समाज से आते हैं।

क्या है पूरा मामला

थानागाजी थाना क्षेत्र में एक पति-पत्नी बाइक से शॉपिंग करने करने निकले थे। उनके पीछे दो बाइक पर पांच लगातार उनका पीछा कर रहे थे। रास्ते में सुनसान इलाके में बदमाशों ने अपनी बाइक उनके आगे लगाकर उन्हें गिरा दिया। बदमाश पति-पत्नी दोनों को सड़क के पास रेत के टीले के पीछे ले गए। जहां बदमाशों ने पति को बंधक बनाकर पीड़िता के साथ 3 घंटे तक गैंगरेप किया।

मायावती लेगी कांग्रेस से वापस समर्थन, कभी भी गिर सकती है राजस्थान में कांग्रेस सरकार

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