इसरो पूर्व प्रमुख का दावा, मोदी सरकार की इच्छाशक्ति के चलते ही बन पाया भारत स्पेस सुपर पॉवर

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इसरो पूर्व प्रमुख का दावा, मोदी सरकार की इच्छाशक्ति के चलते ही बन पाया भारत स्पेस सुपर पॉवर

नई दिल्लीः बुधवार को देश में एंटी-सैटेलाइट मिसाइल की मारक क्षमता के परीक्षण के बाद भारत स्पेस सुपर पॉवर बन गया है। केंद्र सरकार के इस कदम से जहां विपक्षी दलों की नींद उड़ गई। कांग्रेसी इसका श्रेय नेहरू को देते नहीं थक रहे। कांग्रेस को डर है कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को सीधे तौर इसका लाभ मिलता है तो उसका क्या होगा।

इधर इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन ने कहा कि भारत के पास एंटी-सैटेलाइट मिसाइल क्षमता एक दशक पहले से थी। लेकिन उस समय सत्ता पर काबिज केंद्र सरकार की इच्छाशक्ति की कमी के कारण ऐसा नहीं हो सका। नायर ने बताया कि वर्ष 2007 में चीन ने मिसाइल प्रक्षेपित कर एक पुराने मौसम उपग्रह को नष्ट कर दिया था। उस वक्त भारत के पास ऐसे ही मिशन को अंजाम देने प्रौद्योगिकी थी।

नायर ने कहा कि पीएम मोदी ने पहल की है। उनमें राजनीतिक इच्छाशक्ति है और यह कहने का साहस है कि हम ऐसा करेंगे। उन्होंने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि अब भारत को विश्वशक्ति बनने से कोई नहीं रोक सकता है।

वहीं दूसरी तरफ डीआरडीओ के पूर्व प्रमुख डॉ. वीके सरस्वत ने मिशन शक्ति पर बयान देते हुए कहा कि हमने नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर और नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल के सामने प्रजेंटेशन दिया था। तब इस पर सभी से विचार-विमर्श हुआ था। लेकिन दुर्भाग्य से हमें उस समय की कांग्रेस नीत यूपीए सरकार से समर्थन नहीं मिला। इसलिए हम इस मिशन को आगे नहीं बढ़ा सकें।

बता दें कि नायर वर्ष 2003 से 2009 तक इसरो एवं अंतरिक्ष आयोग के प्रमुख पद पर रहे।

इसरो पूर्व प्रमुख का दावा, मोदी सरकार की इच्छाशक्ति के चलते ही बन पाया भारत स्पेस सुपर पॉवर

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