Bhangarh Fort: भानगढ़ किले का डरावना और अनसुना रहस्य, सजता है भूतों का बाजार

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भानगढ़ दुनिया के सबसे भूतहा स्थलों में से एक है। एक ऐसा स्थान जहां सूरज ढलने के साथ ही इंसानों का प्रवेश वर्जित हो जाता हैं। कारण यह हर रात लगने वाला भूतों का मेला। यही कारण है कि यहां रात में रूकने की हिमाकत आज तक कोई नहीं कर सका। राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भानगढ़ (Bhangarh Fort) दुनिया के टॉप 5 डरावने स्थलां में से एक है। भानगढ़़ किले को देखने के लिए दुनियाभर से लोग यहां आते है।

भानगढ़ एक ऐसी नगरी जो एक बार तबाह हुई जो दुबारा बस नहीं पाई। इस स्थान के आसपास के गांवों में आज भी रात में शादी-विवाह जैसे कोई आयोजन नहीं होते है। हालांकि आज तक यहां किसी ने भूत दिखे नहीं हैं, लेकिन आसपास के लोगों का दावा हैं कि कई बार रात के समय इस इलाके से अजीबो-गरीब आवाजें आती है।

अरावली पर्वतमालाओं की हरी-भरी वादियों से घिरे भानगढ़ में आज भले ही भूतों का भय पसरा है, लेकिन एक समय यहां ऐसा भी होगा, जहां खुशहाल जन-जीवन आबाद हुआ करता था। बताया जाता है कि इस किले को आमेर के राजा भगवंतदास ने 1573 में बनवाया था। बाद में मुगल बादशाह अकबर के नवरत्नों में शामिल भगवंतदास के बेटे मानसिंह के छोटे भाई माधोसिंह ने इसे अपनी रियासत बनाया।

भानगढ़ के मंदिरों की नक्काशी, करीने से सजे बाजार और भव्य महल को देखकर इसकी वैभवता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यहां जहां एक ओर गोपीनाथ, सोमेश्वर, मंगलादेवी और कृष्णकेशव मंदिर हैं, वहीं दूसरी ओर नृत्यकियों की हवेलियों के अवशेष आज भी विद्यमान है।

ऐसे उजाड़ हो गया एक रात में भानगढ़ ( Bhangarh )

ऐसा माना जाता हैं कि भानगढ़ की राजकुमारी रत्नावती बेहद की खूबसूरत थी, राजकुमारी को देखकर तांत्रिक सिंधिया उस पर मोहित हो गया और उसे पाने का प्रयत्न करने लगा। एक दिन उस तांत्रिक ने राजकुमारी की दासी को बाजार से इत्र खरीदते देखा। उसने उस इ़त्र पर तांत्रिक प्रयोग किया, जिससे इत्र लगते ही राजकुमारी तांत्रिक की ओर आकर्षित हो जाएं।

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महल में पहुंचने पर दासी ने राजकुमारी को इत्र पर तांत्रिक द्वारा कुछ किए जाने की बात बताई। इस पर राजकुमारी रत्नावती ने वह शीशी का पूरा इ़त्र एक बड़ी चट्टान पर उडे़ल दी। जिससे वह चट्टान जाकर उस तांत्रिक के उपर लगी और तांत्रिक मर गया। मरते-मरते तांत्रिक ने शाप दिया कि यह नगरी रातों-रातों उजड़ जाएगी। और ऐसा ही हुआ एक रात में यहां ऐसा भूचाल आया कि मंदिरों को छोड़कर सब कुछ बर्बाद हो गया।

ऐसा माना जाता है कि राजकुमारी रत्नावती सहित हजारों भानगढ़ के लोगों की आत्माएं आज भी इस किले में भटक रही है। भानगढ़ भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन आता हैं। इस विभाग ने दिन ढ़लने के बाद इस किले में जाने पर पाबंदी लगा रही है। इस चेतावनी को आप किले में प्रवेश से पहले बाहर लगे बोर्ड पर भी पढ़ सकते है।

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