Steve Jobs : जानिए Apple के संस्थापक स्टीव जाॅब्स की सफलता का मूल मंत्र

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    स्टीवन पॉल (स्टीव) जॉब्स एक अमेरिकी बिजनेस-टाइकून और महान आविष्कारक थे। स्टीव जॉब्स का जन्म 24 फरवरी 1955 को सैन फांसिस्को में हुआ था। वे कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन बनो वाली कंपनी एप्पल इंक के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) थे। स्टीव एक अन्य कंपनी पिक्सर एनीमेशन के सीईओ भी थे। स्टीव जॉब्स ने संघर्ष करके जीवन में यह मुकाम हासिल किया था।

    अपने गैराज से दुनिया की सबसे सफल कंपनी की नींव रखने वाले जॉब्स ने अमेरिकी कौशल की मिसाल कायम की। कंप्यूटर को लघु आकार देकर और इंटरनेट को हमारे जेब तक पहुंचाकर उन्होंने न केवल सूचना-क्रांति को सुगम बनाया, बल्कि उसे सहज और मजेदार भी बना दिया।

    कैलिफोर्निया के सैन फांसिस्को में पैदा हुए स्टीव को पाउल और कालरा जॉब्स ने उनकी मां से गोद लिया था। पढ़ाई के दौरान वे अपने एक दोस्त के कमरे में जमीन पर सोते थे। कोक की बोतले बेचकर खाने के लिए पैसे जुटाते थे और पास ही के कृष्ण मंदिर में सप्ताह में एक बार मिलने वाला मुफ्त भोजन भी करते थे। स्टीव जॉब्स आगे चलकर अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर लगभग 5.1 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक और अमेरिका के 43वें सबसे धनी व्यक्ति बन गए।

    स्टीव जॉब्स की सफलता का मूलमंत्र

    स्टीव जॉब्स की जिंदगी ने दुनियाभर में करोड़ों लोगों को प्रभावित किया है। उनका बातचीत करने का ढंग हो या विषय का प्रस्तुतीकरण या फिर किसी भी उत्पाद को देखने और मार्केट करने का ढंग हो, सब-कुछ बिलकुल अलग सोच लिए होता था। इसी सोच ने उन्हें स्टीव जॉब्स बनाया। महान लोगों की विशेषताएं आगे चलकर दूसरों के लिए सफलता का मूल मंत्र बन जाती हैं और उन्हें भी सफलता की ओर उन्मुख करने में सफल होती हैं। आइए जानते है कि स्टीव जॉब्स की सफलता का मूल मंत्र क्या थे।

    अपने दिल की बात सुनें

    Apple कंप्यूटर और पिक्सर एनीमेशन के सीइओ स्टीव जॉब्स कहते थे कि अपने दिल की बात सुनो। उन्होंने खुद भी हमेशा अपने दिल की बात सुनी और उसके बल पर दुनिया में एक ऐसा मुकाम हासलि किया, जिसका लोग सिर्फ सपनाभर देख पाते हैँ।

    वही काम करें, जिससे आपको प्यार हो

    स्टीव जॉब्स के अनुसार आपका काम एक ऐसी चीज है, जो आपके जीवन के एक बड़े खाली हिस्से को भरता है। महान काम करने की एकमात्र शर्त यही है कि आप वही काम करें, जिससे आपको प्यार हो। अगर आपको इसका पता नहीं है, तो पता लगाते रहिए। जैसे-जैसे समय बीतता जाता है, उसके साथ आपका रिश्ता बेहतर होता चला जाता है। इसलिए रुके नहीं, उसकी खोज करते रहें।

    दुनिया को बताएं कि आप कौन हैं

    स्टीव जॉब्स के अनुसार दुनिया को पता चलना चाहिए कि आप कौन हैं और जब तक दुनिया को बदलने का माद्दा आपमें नहीं होगा, तब तक दुनिया आपको नहीं पहचानेगी।

    सभी क्षेत्रों से संबंध जोड़ें

    जॉब्स ने अपने जीवनकाल में विभिन्न विषयों का अध्ययन किया। उन्होंने कैलिग्राफी भी सीखी और विभिन्न प्रकार के डिजाइंस का भी अध्ययन किया। इतना ही नहीं, उन्होंने हॉस्पिटेलिटी के क्षेत्र में भी हाथ आजमाए और उसका ज्ञान लिया। यह ज्ञान बाद में उनके काम भी आया।

    मना करना सीखें

    स्टीव ने अपनी जिंदगी में मना करना खूब सीखा था और उसका फायदा भी उन्हें मिला था। जब वे वर्ष 1997 में वापस Apple में आए थे, तब कंपनी के पास 350 उत्पाद थे। मात्र दो वर्षों में उन्होंने उत्पादों की संख्या कम करके 10 कर दी। 10 उत्पादों पर ही ध्यान केंद्रित किया और सफलता पाई।

    ग्राहकों को अलग तरह का अनुभव दें

    स्टीव मानते थे कि जब तक आप अपने ग्राहकों को अलग तरह का अनुभव नहीं देंगे, वे आपके उत्पादों की ओर बिलकुल भी आकर्षित नहीं होंगे। यही कारण था कि उन्होंने एप्पल स्टोर्स को कुछ अलग तरह का बनाया, जहां ग्राहकों को अलग तरह का अनुभव मिलता था। इससे Apple कंपनी के प्रति लोगों का भावनात्मक लगाव हो गया था।

    अपनी बात रखने में पीछे न रहें

    स्टीव के अनुसार अगर आपके पास अच्छे आइडियाज है, पर आप उन्हें सबके सामने रख नहीं पाते, तो ऐसे आइडियाज किस काम के? स्टीव अपनी बात प्रेजेंटेशन के दौरान रखते थे और केवल अपनी बात नहीं रखते थे, बल्कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से वे कई तरह की बातें बताते थे, जिनसे प्रेरणा भी मिलती थी।

    सपनें बेचें, उत्पाद नहीं

    स्टीव हरदम यही कहते थे कि अपने ग्राहकों को उत्पाद नहीं, सपने बेचो। उनके अनुसार आपके ग्राहक को आपके उत्पादों से कोई मतलब नहीं है, उन्हें अपनी आशाओं और आकांक्षाओं से मतलब है और अगर आपने उनके सपनों को अपने उत्पाद से जोड़ा, तभी आपको सफलता मिलेगी।

    यह भी पढ़ें : Success Mantra: सफलता के ये 10 कदम चलिए, हर काम में मिलेगी सफलता

    स्टीव जॉब्स ने क्या-क्या बनाया

    स्टीव जॉब्स प्रारंभ में कम्प्यूटर से जुड़े रहे लेकिन एप्पल कंपनी में वापसी के बाद उन्होंने कम्यूनिकेशन एवं म्यूजिक के क्षेत्र में भी कार्य किया। स्टीव द्वारा निम्नलिखित प्रोडक्ट तैयार किए गए। जो आज आमजन के बीच एवं घर-घर पाए जाते हैं।

    Apple-।

    स्टीव जॉब्स और वोजनियाक के साझे प्रयास से वर्ष 1976 में Apple-। के नाम से कम्प्यूटर तैयार हुआ। वोजनियाक ने इस कम्प्यूटर को डिजाइन किया था तथा स्टीव ने इसके लिए फंड और मार्केटिंग की व्यवस्था की थी। यह कम्प्यूटर मुख्यत: कप्यूटर में रुचि रखने वालों तथा इंजीनियरों के लिए था। आम जनता तक यह कम्प्यूटर नहीं पहुंच पाया। यह कम्प्यूटर स्टीव जॉब्स के पिता की गैराज में तैयार किया गया था।

    Apple-।।

    Apple-।। कम्प्यूटर जगत के लिए आधार बन गया। लेकिन इसका सुधरा हुआ रूप 1977 में एप्पल -।। के नाम से जारी किया गया। यह पर्सनल कम्प्यूटर के रूप में पहला उत्पाद था जो आम जनता को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था। इसका डिजाइन वोजनियाक द्वारा ही किया गया था। एप्पल-।। वर्ष 1993 तक बाजार में उपलब्ध रहा।

    लिजा कम्प्यूटर

    स्टीव द्वारा आमजन के लिए वर्ष 1983 में प्रस्तुत किया गया। यह पहला कामर्शियल कम्प्यूटर था, जो ग्रॉफिकल कार्यों को भी करता था तथा एक मॉउस के द्वारा कंट्रोल होता था। यह एक सस्ता और तेज गति से चलने वाला कम्प्यूटर था। यह कम्प्यूटर आज के कम्प्यूटरों का आधार सिद्व हुआ। लेकिन काफी महंगा था। इसलिए यह कम्प्यूटर आम जनता तक नहीं पहुंच पाया। इस कम्प्यूटर का नाम स्टीव ने अपनी गर्लफ्रैंड से उत्पन्न हुई पुत्री लिजा के नाम पर रखा था।

    मैकिनतोश

    स्टीव ने लिजा के बाद 1984 मैकिनतोश नाम का कम्प्यूटर बाजार में प्रस्तुत किया। स्टीव स्वयं लिजा की परफोमेंस से संतुष्ट नहीं थे। लिजा की भांति ही इस कम्प्यूटर का भी ग्राफिक यूज संभव था। यह सस्ता तथा लिजा से भी तेज गति से चलने वाला था।

    NeXT कम्प्यूटर

    एप्पल से निकाले जाने के बाद स्टीव ने 1989 में NeXT नाम की कंपनी स्थापित की और इसी नाम से एक वर्क स्टेशन कम्प्यूटर प्रस्तुत किया। यह कम्प्यूटर बड़ी मात्रा में नहीं आ सका। लेकिन इसका सॉफ्टवेयर मैकिनतोश द्वारा iPhone के ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए आधार बना।

    iMac

    स्टीव ने वर्ष 1998 में iMac के नाम से एक पूर्ण विकसित और बहुउपयोगी कंप्यूटर बाजार में प्रस्तुत किया। यह बहुत आकर्षक डिजाइन का कम्प्यूटर था। यह कंम्प्यूटर इंटरनेट से जुड़ा था। पर्सनल कंम्प्यूटर के क्षेत्र में बहुत प्रसि्द्ध हुआ। एप्पल की प्रोडक्ट लाइन में यह महत्वपूर्ण उत्पाद रहा।

    iPod

    स्टीव द्वारा वर्ष 2001 में पहला डिजिटल म्यूजिक प्लेयर प्रस्तुत किया गया। जिसमें हार्ड डिवाइस भी थी। यह एक सफल एप्पल उत्पाद रहा। यह उत्पाद iTunes Music और iPhone का आधार सिद्व हुआ।

    iTunes Store

    स्टीव ने वर्ष 2003 में iTunes Store स्थापित किया। इस और से पहले म्यूजिक के शौकीन लोगों को अपने मनपसंद गाने या ट्यून सुनने के लिए अलग से खाली सीडी में गाने एकत्र करने होते थे। iTunes Store आने के बाद एक-एक सीडी में उपभोक्ता को हजारों गाने एक स्थान पर ही मिल गए।

    iPhone

    वर्ष 2007 में स्टीव ने iPhone प्रस्तुत करके मोबाइल सेवा में क्रांतिकारी परिवर्तन किए। यह एक स्मार्ट फोन सेवा बन गई। जैसे पर्सनल कम्प्यूटर के क्षेत्र में मैकिनतोश सफल हुआ। इसी प्रकार मोबाइल के क्षेत्र में iPhone ने धूम मचा दी।

    iPad

    यद्यपि iPad से पूर्व कई कंपनियों ने टेबलेट कम्प्यूटर बनाए। लेकिन लेखन के क्षेत्र में स्टीव ने iPad प्रस्तुत करके सबको चौंका दिया। यह उत्पाद उन्होंने वर्ष 2010 में उस समय प्रस्तुत किया। जब वह कैंसर जैसी बीमारी से गंभीर रूप से बीमार थे।

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