स्मार्टफोन की लाइट का शरीर और दिमाग पर ये होता है असर

0
8
स्मार्टफोन की लाइट का शरीर और दिमाग पर ये होता है असर
SmartPhone Photo_Pixabay

कई अध्ययनों से पता चल चुका है कि अधिकांश लोग सुबह सोकर उठने के 15 मिनट बाद और रात को सोने के 15 मिनट पहले अपने स्मार्टफोन के अपडेट चेक करते हैं। कुछ लोग तो देर रात तक लाइट बंद करने के बाद मोबाइल की रोशनी पर अपडेट चेक करते या कुछ पढ़ते हुए सो जाते हैं। क्या आप जानते हैं कि स्मार्टफोन की लाइट खराब नींद, मेलाटोनिन के असंतुलन सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जिम्मेदार है। आइए जानते है कि स्मार्टफोन की लाइट का क्या पड़ता है स्वास्थ्य पर असर..

नींद पर प्रभाव

अधिकांश युवा देर रात तक व्हाट्सअप व फेसबुक पर अपने दोस्तों के साथ चैटिग में व्यस्त रहते हैं। सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ रात में ऑनलाइन रहने से पर्याप्त नींद नहीं ले पाते। मां-बाप भी इस बात से अनजान होते हैं कि उनके बच्चे देर रात तक अपने स्मार्टफोन पर या तो किसी से चैटिंग कर रहे होते हैं या फिर यू-ट्यूब पर कोई वीडियो तथा कोई नई फिल्म देख रहे होते हैं। लंबे समय तक पर्याप्त नींद न लेने से बॉडी में न्यूरोटॉक्सिन बनने लगते हैं, जिससे अच्छी नींद लेने में समस्या हो सकती है।

सीखने में समस्या

स्मार्टफोन की लाइट की वजह से नींद खराब होती है, जिससे कुछ भी सीखने में समस्या होने की आशंका बढ़ जाती है। स्मार्टफोन का ज्यादा यूज करना खासकार रात आपकी सीखने की क्षमता को प्रभावित करता है। सोशल मीडिया पर एक मैसेज फारवर्ड करने तथा कॉपी-पेस्ट करने से सीखने की क्षमता धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है।

याददाश्त पर असर

अगर आप को भी चीजों को भूलने की आदत स्वयं में नजर आ रही है। तो यह सब आपकी अनियमित दिनचर्या व स्मार्टफोन को देर रात तक यूज के कारण हो सकता है। स्मार्टफोन पर देर रात पर मैसेज, वीडियो आदि देखने से आपकी नींद का टाइमटेबल खराब हो जाता है। इससे अच्छी नींद में बाधा आती है, जिसका असर व्यक्ति की याददाश्त पर पड़ता है।

मोटापे का खतरा

आजकल के युवा आपको हर समय अपने स्मार्टफोन से चिपके हुए मिलेंगे। इससे वे न तो अपने खान-पान पर सही से ध्यान दे पाते है। कई युवा स्मार्टफोन पर कुछ देखते हुए खाना खाते हुए अक्सर देखे जा सकते है। इससे मेलाटोनिन हार्मोन के असंतुलन से भूख पर नियंत्रण कम हो जाता है, जिससे मोटापे का खतरा बढ़ सकता है।

डिप्रेशन की आशंका

विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्टफोन के अधिक इस्तेमाल से व्यक्ति के डिप्रेशन में जाने का खतरा रहता है। आपने देखा होगा कि देर रात में अपने दोस्तां से चैटिंग करने वाले युवा अक्सर थके-थके नजर आते है। सोशल मीडिया पर नैगटिविटी अधिक होने के कारण डिप्रेशन होने की आशंका भी बढ़ जाती है।

कैंसर का खतरा

रात में लाइट के संपर्क में रहने से नींद बाधित होती है, जिसकी वजह से प्रोस्टेट या ब्रेस्ट कैंसर की भी आशंका बढ़ जाती है।

विजन पर असर

कुछ अध्ययनों से पता चला है कि ब्लू लाइट के असर पर रेटिना गर्म होने लगता है, जिससे व्यक्ति के विजन पर असर पड़ता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here