Vastu for Kitchen: किचन का वास्तु सही नहीं होगा तो ये होगा घर की महिलाओं पर असर

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महिलाएं और किचन दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं। ऐसी किसी किचन की कल्पना नहीं की जा सकती है जिसमें कोई महिला काम नहीं करती हो। ऐसे में यदि किचन का वास्तु (Vastu for Kitchen) सही नहीं है तो इसका सीधा असर महिलाओं पर पड़ना स्वाभाविक है। किचन का वास्तु सही है तो महिलाएं भी खुश होकर खाना पकाएंगी। ऐसे खाना खाने से परिवारजन भी तंदूरूस्त होंगे।

अगर समृद्धशाली परिवार में किचन उपयुक्त स्थान पर नहीं हो तो परिवार की महिलाओं को अनेक तरह के कष्टों का सामना करना पड़ता है। घर में किचन सही दिशा या कोण में हो तो उसका भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव जीवन पर देखा जा सकता है। किचन के निर्माण में वास्तु दोष का ध्यान रखा जाएं तो घर में लक्ष्मी का आगमन होता है साथ ही घर में सुख-समृद्वि का वास होता है।

आइए जानते हैं कि किचन में किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए

  • वैसे तो किचन घर के आग्नेय कोण के दक्षिण-पूर्व में होना चाहिए। यदि ऐसा नहीं है तो किचन के आग्नेय कोण में जीरो पॉवर का रेड कलर का बल्ब हमेशा जलता रहे, ऐेसी व्यवस्था कर दें।
  • किचन में कभी भी जाला न लगा रहने दें। इससे घर में बीमारी और झगड़े होने की आशंका रहती है।
  • किचन का दरवाजा अवश्य होना चाहिए। बिना दरवाजे की किचन में रिद्धि सिद्धि नहीं आती। यदि किचन में दरवाजा लगाना संभव नहीं हो तो पर्दा भी लगाया जा सकता है। किचन कि दक्षिण दिशा में कोई भी विंडो या गेट नहीं होना चाहिए वास्तु के अनुसार इसे अशुभ माना जाता है। किचन के उत्तर पूर्व या पश्चिम दिशा में विंडो व गेट रखा जा सकता है।
  • किचन में चूल्हे की दिशा चाहे जिधर भी हो, पर खाना बनाते समय घर की महिलाओं का मुख पूर्व दिशा में ही होना चाहिए। यानी हर हाल में पूर्वाभिमुख होकर ही खाना बनाएं।
  • किचन में सब्जियों को कभी भी जमीन पर न रखें, इससे खाने की पौष्टिकता कम होती है।
  • वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार किचन की दीवारों का रंग हल्का पीला, क्रीम या गुलाबी होना चाहिए। कई वास्तुशास्त्री किचन में हरे रंग को भी प्राथमिकता देना उचित समझते है।
  • महिलाओं को चाहिए कि किचन में सुबह स्नान कर ही प्रवेश करें। किचन में धूपबत्ती करने के बाद ही कार्य प्रारंभ करें। इससे किचन में सकारात्मकता बनी रहती है।
  • किचन के प्रवेशद्वार पर मंगल चिन्ह का प्रयोग करें। स्वास्तिक या ओम भी बना सकते है।
  • किचन में इस बात का ध्यान रखा जाए कि पानी और आग दोनों साथ-साथ नहीं रहे यानी की बर्तन धोने का नल गैस चूल्हे से दूर होना चाहिए। आग और पानी दोनों आपस में विरोधी तत्व हैं दोनों के साथ होने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में बर्तन धोने का सिंक और नल हमेशा उत्तर पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
  • किचन की उत्तर-पूर्व दिशा में फ्रिज भूलकर भी नहीं रखा जाना चाहिए। ऐसा करने से आपके घर की शांति भंग हो सकती है। यदि आप फ्रिज को किचन में ही रखना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे उपयुक्त स्थान किचन का दक्षिण-पश्चिम स्थान है।
  • किचन में कभी भी मंदिर या पूजा घर नहीं बनाया जाना चाहिए। किचन में पूजा घर होने से घर के सदस्यों में हमेशा क्रोध बना रहता है। इसके अलावा परिवार के किसी सदस्य को रक्त विकार की समस्या भी हो सकती है। यदि आपके किचन में पूजा घर बना हुआ है तो उसे तुरंत अन्य स्थान पर स्थापित कर दें।
  • किचन को हमेशा साफ-सुथरा रखें। किचन में झूठे बर्तन एकत्रित ना होने दें। इससे किचन में नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती हैं। किचन स्वच्छ रखने मां अन्नपूर्णा की कृपा हमेशा घर के सदस्यों पर बनी रहती हैं।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में कभी भी भगवान, परिवार के सदस्यों तथा मृतक पूर्वजों के चित्र नहीं लगाए जाने चाहिए। यदि आप किचन में कुछ लगाना ही चाहते हैं तो प्राकृतिक दृश्यों वाली पेंटिंग लगा सकते हैं।
  • किचन बिजली का सामान माइक्रोवेव, टोस्टर, मिक्सी आदि दक्षिण पूर्व या दक्षिण दिशा में रखना सही रहता है।
  • वास्तु के अनुसार किचन में कभी भी उखड़ा प्लास्टर, टूटा दरवाजा, दीवारों में दरारें तथा अंधेरा नहीं होना चाहिए। ऐसा करने से किचन में राहु का निवास हो जाता है। जहां राहु का निवास होता है वहां नकारात्मकता फैलने लगती है।
  • किचन में कभी भी टूटे-फूटे बर्तन नहीं रखना चाहिए, न ही टूटे बर्तनों को उपयोग में लिया जाना चाहिए। इससे घर में अशांति फैलती है।
  • वास्तु के अनुसार किचन में गैस चुल्हा रखने के लिए काले रंग के ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। इससे घर में गृह क्लेश का वातावरण उत्पन्न होता है। किचन में हमेशा हरा, मैरून या सफेद रंग के पत्थर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
  • घर के सदस्यों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए विशेषकर महिलाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए कभी भी दवाइयां किचन में नहीं रखी जानी चाहिए।
  • किचन में हमेशा गुड रखने से पारिवारिक संबंधों में मिठास बनी रहती है। किचन में गुड रखना सुख शांति प्रतीक माना जाता है।
  • किचन में पानी के बर्तन, आरओ तथा पानी का घड़ा हमेशा उत्तर पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है।
  • किचन में राशन का सामान रखने वाली अलमारियों का निर्माण दक्षिण या पश्चिम दिशा में उत्तम होता है। इससे किचन में बरकत आती है तथा राशन की कभी कमी नहीं रहती है।
  • किचन में कभी भी आईना नहीं लगाया जाना चाहिए। इसे घर में गृह क्लेश का वातावरण बनता है और घर में अशांति फैलती है।
  • घर के मेन गेट के सामने किचन नहीं होना चाहिए। मेन गेट के ठीक सामने किचन घर के सदस्यों के लिए अशुभ होता है। इससे बिना कारण ही घर के सदस्यों में आपसी मतभेद उत्पन्न होने लगता है। यदि आपका किचन घर के मेन गेट से दिखाई देता है तो ऐसा होने पर किचन और गेट के बीच एक पर्दा लगा दें।
  • किचन में कभी भी पानी के नल को टपकते या रिस्ते हुए नहीं होना चाहिए। वास्तु के अनुसार इससे धन पानी की तरह व्यर्थ बहने लगता है।
  • घर के किचन में यदि भोजन करने की व्यवस्था की गई है। तो ऐसी व्यवस्था किचन के पश्चिम मैं शुभ रहती है। भोजन करने वाले व्यक्ति का मुख उत्तर या पूर्व दिशा में होना चाहिए।

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