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तनाव में Chips, Ice-cream और Fast-food खाना ज्यादा पसंद करती हैं महिलाएं

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नई दिल्ली: मानसिक तनाव के शिकार होने पर महिलाए Chips, Ice-cream और Fast-food अधिक पसंद करते हैं। एक रिसर्च में यह बात सामने आई है। इस रिसर्च के जरिए वैज्ञानिक पता कर रहे हैं कि क्या हमारी मानसिक परिस्थिति हमारे भोजन के चुनाव में भूमिका निभाती है या नहीं?

नए रिसर्च में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि भोजन के हमारे चुनाव के पीछे वजह क्या है? यह रिसर्च 12 हफ्ते तक 67 तनावग्रस्त लोगों के ऊपर किया गया। देखा गया कि वे अपने भोजन का चुनाव कैसे करते हैं? पता चला कि अधिकतर महिलाएं जब तनाव में रहती हैं तो वे आइसक्रीम, पिज्जा, हैमबर्गर, सॉसेज और ज्यादा नमक वाले चिप्स खाना पसंद करती हैं। वहीं जब ये खुश होती हैं, तब सलाद, सब्जियां जैसे आहार चुनते हैं। जब इन लोगों को लगातार खुश रखा गया, तब पाया गया कि वे सादे भोजन की तरफ अग्रसर हुए।

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निष्कर्षों के मुताबिक जब इन लोगों को पता चला कि सादा भोजन न सिर्फ सेहतमंद है बल्कि यह 20% सस्ता भी है, तो इनकी प्रसन्नता और बढ़ी। ये स्वस्थ भोजन के साथ-साथ व्यायाम की ओर से भी प्रेरित हुए। आहार मनोवैज्ञानिक डॉ. फेलीस जैका ऑस्ट्रेलिया की डीकिन यूनिवर्सिटी के फूड एंड मूड सेंटर की डायरेक्टर हैं। वे बताती हैं, ‘जब आप तनावग्रस्त या अवसाद में हैं, तब जरूरी नहीं है कि सलाद खाने से आपको तुरंत फायदा हो। लेकिन अगर आप सलाद खाने के लिए खुद प्रेरित हो रहे हैं तो ये जरूर आपकी स्वस्थ मानसिकता का प्रतीक है।’

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प्रसन्नता मानसिक संतुलन को देती है बढ़ावा

इस संबंध में हार्वर्ड रिव्यू की एक रिपोर्ट कहती है कि पेट में मौजूद माइक्रोब न्यूरोट्रांसमिटर पैदा करते हैं। इस कारण सेरोटोनिन और डोपामाइन बनते हैं। ये पेट का दिमाग से संपर्क बनाते हैं। यही प्रसन्नता और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देते हैं। जब शरीर में ऐसे माइक्रोब की उपस्थिति पर्याप्त होती है, तब इंसान अच्छे आहार की ओर आकर्षित होता है। नुकसानदेह चीजों से खुद दूर भागता है। लोग तब अच्छे काम के लिए भी प्रेरित होते हैं। उनमें करुणा की भावना भी पर्याप्त होती है। वहीं अगर शरीर में ऐसे माइक्रोब्स की कमी होती है, तब इंसान मीठा, चटपटे फास्टफूड की ओर भागता है। अपने और दूसरों के नुकसान के प्रति भी उदासीन रहता है।

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