नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ ही NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर पिछले 37 दिनों से चल रहा Cockroach Janata Party (CJP) का आंदोलन समाप्त हो गया। शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे CJP ने सरकार द्वारा अपनी प्रमुख मांगों पर सहमति मिलने के बाद आंदोलन वापस लेने की घोषणा की।
NEET-UG 2026 में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक व्यंग्यात्मक मुहिम से देशव्यापी छात्र आंदोलन में बदल गया। बाद में लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़ने के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली।
37 दिन तक चला आंदोलन
जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्र और युवा लगातार प्रदर्शन करते रहे। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में युवाओं ने रचनात्मक पोस्टर और सोशल मीडिया की नई भाषा (Gen Z Slang) के जरिए सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली जब सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन शुरू किया। उनके साथ छह छात्र नेताओं ने भी भूख हड़ताल की, जिनमें से तीन को स्वास्थ्य बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
‘चलो संसद’ मार्च के बाद बढ़ा दबाव
20 जुलाई को आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। पुलिस कार्रवाई की विपक्षी दलों ने आलोचना की, जबकि पुलिस ने प्रदर्शन के हिंसक होने का दावा किया। इसके बाद देशभर में छात्र संगठनों और विपक्षी दलों का समर्थन आंदोलन को मिलने लगा। जंतर-मंतर पर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, CPI(M), CPI, भीम आर्मी समेत कई दलों के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई।
सरकार ने मानी कई मांगें
केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की। बैठक के बाद सरकार ने NEET से जुड़े आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को उपयुक्त मुआवजा देने, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR की समीक्षा तथा परीक्षा सुधारों पर पांच सूत्रीय मांगपत्र पर विचार करने का आश्वासन दिया। दोनों पक्षों के बीच अगली बैठक चार सप्ताह बाद प्रस्तावित है।
धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया, जिसे राष्ट्रपति ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया। अपने इस्तीफा पत्र में प्रधान ने कहा कि वे छात्रों के व्यापक हित और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के उद्देश्य से पद छोड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने परीक्षा में गड़बड़ियों की जानकारी मिलने के बाद जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द की और दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया। साथ ही अगले वर्ष से परीक्षा Computer-Based Test (CBT) मोड में कराने का फैसला भी किया गया।
प्रह्लाद जोशी को मिला शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह अपने मौजूदा मंत्रालयों के साथ-साथ अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
सोनम वांगचुक बोले- लोकतंत्र की जीत
आंदोलन का चेहरा बने सोनम वांगचुक ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों, युवाओं और नागरिकों की शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी का परिणाम है। उन्होंने युवाओं से भविष्य में भी शिक्षा सुधार और जवाबदेही के लिए आवाज उठाने की अपील की।
CJP ने कहा- यह सिर्फ शुरुआत है
आंदोलन समाप्त करने की घोषणा करते हुए CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा केवल पहला कदम है। यदि शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नहीं किए गए तो युवा फिर से देशव्यापी आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन अब पूरे देश में युवाओं से संवाद करेगा और उनकी समस्याओं को लेकर जवाबदेही तय कराने की दिशा में काम करेगा।
विपक्ष ने बताया युवाओं की जीत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी (एससीपी) प्रमुख शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया और अन्य विपक्षी नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों और युवाओं की जीत बताया।वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार छात्रों और युवाओं की भावनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा शिक्षा सुधारों को गंभीरता से लागू किया जाएगा।
यह भी पढ़ें
- मनी प्लांट किस दिशा में लगाना चाहिए? जानें वास्तु के महत्वपूर्ण नियम
- क्रासुला प्लांट के फायदे: क्या यह वास्तव में धन आकर्षित करता है?
- Parijat: स्ट्रेस को कम करती है पारिजात के फूलों की सुगंध, घर की इस दिशा में लगाने से मिलेगा बड़ा फायदा
- Vastu Tips: घर में रखी ये 5 चीजें बन सकती हैं तरक्की की राह में रुकावट, आज ही करें सुधार
- फिश एक्वेरियम रखने की सही दिशा और वास्तु नियम
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. NewsPost.in पर विस्तार से पढ़ें देश की अन्य ताजा-तरीन खबरें

