Gold in Feet: कई लोग जानना चाहते हैं कि सोने की पायल क्यों नहीं पहननी चाहिए और पैरों में सोना पहनना अशुभ क्यों माना जाता है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोना देवी लक्ष्मी तथा सूर्य का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण कुछ परंपराओं में पैरों में सोना धारण करने से बचने की सलाह दी जाती है।
महिलाओं को गले से लेकर हाथों में आपने सोना पहने देखा होगा। लेकिन जब बारी आती है पैरों की तो महिलाएं चांदी पहने दिखती हैं फिर चाहे वह पायल हो या बिछिया। दरअसल, पैरों में सोना पहनने के लिए मना किया जाता है। इसके पीछे कुछ धार्मिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक कारण मिलते हैं। सोने के गहने पहनने के लिए कुछ नियम बताए गए हैं, जिनमें से एक है कि सोने के गहनों को कमर के ऊपर पहनना चाहिए, कमर से नीचे नहीं। चांदी को कमर के नीचे पहनने की परंपरा रही है। आइए जानें कि सोना पैरों में क्यों नहीं पहना जाता है।
सोने की पायल क्यों नहीं पहननी चाहिए?
हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में सोने को देवी लक्ष्मी तथा सूर्य का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण सोने को शरीर के ऊपरी भाग में धारण करना शुभ माना जाता है, जबकि पैरों में सोना पहनना सम्मान की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता। कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पैरों में सोना पहनने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम हो सकता है। हालांकि यह धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
पैरों में सोना क्यों नहीं पहनते?

ऐसे में धार्मिक दृष्टि से सोना धन का प्रतीक भी माना जाता है। अगर इसे पैरों में पहना जाए तो ऐसा करना से देवी-देवताओं का अपमान हो सकता है। माता लक्ष्मी के अप्रसन्न होने की वजह से व्यक्ति को जीवन में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, यह वैवाहिक जीवन में भी मुश्किलें ला सकता है। इसलिए सोने से बने गहनों को कमर के नीचे यानी पैरों में नहीं पहनना चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र में सोने का महत्व क्या है?
ज्योतिष में सोने का संबंध देवगुरु बृहस्पति देव से माना गया है। सोना धारण करने से कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। ऐसे में सोना पैरों में पहनने से कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति कमजोर होती है और माता लक्ष्मी का वास घर में नहीं होता है।
FAQ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सोने की पायल क्यों नहीं पहननी चाहिए?
A. ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोना देवी लक्ष्मी और सूर्य का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कई परंपराओं में सोने को पैरों में धारण करना उचित नहीं माना जाता। मान्यता है कि सोने का सम्मान बनाए रखने के लिए इसे शरीर के ऊपरी भाग में पहनना अधिक शुभ होता है।
Q. पैरों में सोना पहनना अशुभ क्यों माना जाता है?
A. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पैरों में सोना पहनना देवी लक्ष्मी का अनादर माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में भी सोने को सकारात्मक ऊर्जा और सूर्य से जोड़ा गया है, इसलिए इसे पैरों में पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि यह एक पारंपरिक मान्यता है और इसके समर्थन में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
Q. क्या महिलाएं सोने की पायल पहन सकती हैं?
A. यह व्यक्ति की आस्था, परंपरा और परिवार की मान्यताओं पर निर्भर करता है। कुछ समुदायों में महिलाएं सोने की पायल पहनती हैं, जबकि कई स्थानों पर धार्मिक कारणों से चांदी की पायल पहनने की परंपरा अधिक प्रचलित है।
Q. सोना पहनने से क्या लाभ होते हैं?
A. ज्योतिष शास्त्र में सोने को सूर्य ग्रह से संबंधित माना जाता है। मान्यता है कि सोना पहनने से आत्मविश्वास, सम्मान और सकारात्मकता में वृद्धि हो सकती है। इसके अलावा सोना एक मूल्यवान धातु है जिसे समृद्धि और शुभता का प्रतीक भी माना जाता है।
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. News Post इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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