B.E, B.Tech में Admission के लिए अब 12वीं में Physics, Mathematics जरूरी नहीं, AICTE ने बदले नियम

Engineering admission new rules 2021: कॉलेज में इंजीनियरिंग (Engineering) और तकनीकी पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए अब 12वीं में फिजिक्स, मैथ्स लेना जरूरी नहीं होगा। फिजिक्स, कैमिस्ट्री, मैथ्स के अलावा भी कई विषय सूची में शामिल किए गए हैं। इनमें से कोई भी तीन विषय लेकर स्टूडेंट ने अगर 12वीं पास की है, तो उसे बीई, बीटेक में एडमिशन मिल जाएगा।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने शुक्रवार को इंजीनियरिंग और तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नए नियम जारी किए हैं। बदले नियम शिक्षा सत्र 2021-22 से लागू होंगे। एआईसीटीई के मुताबिक इस बदलाव से बीई (बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग), बीटेक (बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी) जैसे पाठ्यक्रमों के दरवाजे मेडिसिन, कॉमर्स और व्यावसायिक शिक्षा वाले स्टूडेंट्स के लिए भी खुलेंगे। जिन विद्यार्थियों ने तीन साल का डिप्लोमा कोर्स पास किया है, वे भी बीई, बीटेक डिग्री कोर्स के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस बदलाव के तहत जिन स्टूडेंट्स का मैथ्स, फिजिक्स, इंजीनियरिंग का बैकग्राउंड नहीं रहा है, उनके लिए ‘उपयुक्त ब्रिज कोर्स’ की भी पेशकश की जाएगी। इसका इंतजाम संबद्ध विश्वविद्यालय करेंगे। ताकि स्टूडेंट्स और उनके संस्थानों को अपेक्षित शिक्षण परिणाम हासिल हो सकें।

यह भी पढ़ें : Oppo अपना पहला फोल्डेबल फोन जून के अंत तक कर सकता है लांच, ये होंगे फीचर

इनमें से कोई भी तीन विषय पढ़े, तो चार साल का बीई, बीटेक कर सकेंगे

फिजिक्स, मैथमेटिक्स, कैमिस्ट्री, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी, बायोलॉजी, इन्फॉरमैटिक्स प्रैक्टिसेस, बायोटेक्नोलॉजी, टेक्निकल वोकेशनल सब्जैक्ट, एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग ग्राफिक्स, बिजनेस स्टडीज, इंटरप्रेन्योरशिप।

यह भी पढ़ें : कम कीमत के लैपटॉप लांच करेगी Reliance Jio, ये फीचर्स शामिल होंगे

बदले नियमों में यह भी जरूरी

  1. निर्धारित विषयों में सामान्य श्रेणी के स्टूडेंट्स के लिए 12वीं में 45 प्रतिशत नंबर लाना जरूरी। जबकि आरक्षित वर्गों के स्टूडेंट्स के लिए 40 फीसदी नंबरों की अनिवार्यता। तभी बीई, बीटेक में प्रवेश मिल सकेगा।
  2. कोई संस्थान नए पाठ्यक्रम तब ही शुरू कर सकेगा, जब 2019-20 में उसके यहां 50 फीसदी या उससे अधिक स्टूडेंट्स दाखिला ले चुके हों। इंजीनियरिंग कॉलेज, यूनिवर्सिटीज, इंस्टीट्यूट्स परंपरागत या अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों की शाखाएं नहीं खोल सकेंगे।
  3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार स्टूडेंट्स को पहले, दूसरे साल से ही किसी शाखा (स्ट्रीम) या पाठ्यक्रम को छोड़कर दूसरे में प्रवेश लेने की सुविधा होगी। उसने पिछले एक-दो सालों में जो पढ़ा, उसका स्किल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराया जाएगा।

Latest Hindi News से जुड़े, अन्य अपडेट के लिए हमें फेसबुक पेज और ट्विटर पर फॉलो करें

इस खबर काे शेयर करें

Hot this week

Topics

Related Articles

Popular Categories