पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए 60 करोड़ की हेरोइन सप्लाई, श्रीगंगानगर बॉर्डर से 4 तस्कर गिरफ्तार

श्रीगंगानगर: जिले में पाकिस्तान से सटे बॉर्डर क्षेत्र में ड्रोन के जरिए हेरोइन तस्करी का यह मामला एक बार फिर सामने आया है। रविवार को बॉर्डर इंटेलीजेंस जोन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 12 किलो 167 ग्राम हेरोइन बरामद की। इस मामले में अमनदीप सिंह पुत्र बूटा सिंह रायसिख निवासी गांव पंजेके, विकास पुत्र राजेंद्र मेघवाल निवासी चक 2 केएनडी रावला, बलजीत सिंह पुत्र गुरलाभ सिंह निवासी लुहारा गांव और पवन कुमार पुत्र गणेशराम निवासी वार्ड 3 गजसिंहपुर को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि 23 पैकेट हेरोइन को पाकिस्तान बॉर्डर से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर 23 ओ और 42 एच के बीच रोही इलाके में ड्रॉप किया गया था। आरोपी इन पैकेट्स को उठाकर पंजाब ले जाने वाले थे। इसके लिए उन्होंने ओ माइनर के किनारे-किनारे रास्ता चुना था। हालांकि, पुलिस और बीएसएफ की गतिविधि बढ़ने पर आरोपी 17 ओ की रोही में स्थित किन्नू के बाग में छिप गए और हेरोइन के पैकेट वहीं छिपा दिए।

बॉर्डर इंटेलीजेंस के हैड कांस्टेबल नवनीत मीणा की सूचना पर करणपुर थाना प्रभारी रजीराम सहारण ने टीम के साथ बाग की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया, जहां से चारों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान 23 पैकेट में हेरोइन बरामद की गई। इस संबंध में करणपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच घड़साना थाना अधिकारी देवीलाल को सौंपी गई है।

जांच में यह भी सामने आया है कि इस तस्करी का मास्टरमाइंड पंजाब का गुरमेल सिंह है, जिसने अपने सहयोगियों के जरिए हेरोइन उठाने की योजना बनाई थी। उसने अमनदीप सिंह और लवप्रीत सिंह को इस काम के लिए लगाया था और स्थानीय स्तर पर मदद के लिए बलजीत सिंह को जोड़ा। बलजीत ने अपने अन्य साथियों को साथ लेकर इस ऑपरेशन को अंजाम देने की कोशिश की।

श्रीकरणपुर बॉर्डर क्षेत्र पिछले कुछ वर्षों से हेरोइन तस्करी का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। पिछले तीन वर्षों में इस इलाके में 16 बार हेरोइन तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा 2023 से अब तक इस क्षेत्र में 7 ड्रोन बरामद किए जा चुके हैं, जबकि पूरे जिले में दिसंबर 2022 से अब तक कुल 15 ड्रोन पकड़े गए हैं। इससे साफ है कि पाकिस्तान समर्थित तस्करी नेटवर्क इस इलाके को लगातार निशाना बना रहा है।

सूत्रों के अनुसार, बरामद हेरोइन को पहले पंजाब ले जाया जाता, जहां इसकी छोटी-छोटी डोज तैयार की जाती और फिर इसे वापस श्रीगंगानगर सहित आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता। इस नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर सक्रिय स्लीपर सेल अहम भूमिका निभाते हैं, जो तस्करों को न केवल शरण देते हैं बल्कि बॉर्डर से माल उठाने और सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में भी मदद करते हैं।

चिंता की बात यह है कि श्रीगंगानगर जिले में नशे के कारण मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। पिछले सात दिनों में चार युवाओं की ओवरडोज से मौत हो चुकी है, जबकि पिछले एक साल में यह संख्या 100 से अधिक बताई जा रही है। यह स्थिति प्रशासन और समाज दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और अन्य जुड़े हुए आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

2.167 किलो हेरोइन बरामद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 60 करोड़

श्रीगंगानगर में बॉर्डर इंटेलीजेंस जोन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए भेजी गई 12 किलो 167 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। एनसीबी के अनुसार इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60 करोड़ रुपये आंकी गई है।

ड्रोन से गिराए गए 23 पैकेट, किन्नू के बाग में छिपे मिले आरोपी

पाकिस्तानी तस्करों ने बॉर्डर के पास 23 पैकेट ड्रॉप किए थे। आरोपी इन्हें उठाकर पंजाब ले जाने की तैयारी में थे, लेकिन पुलिस और बीएसएफ की मूवमेंट देखकर किन्नू के बाग में छिप गए। सूचना के आधार पर पुलिस ने तलाशी अभियान चलाकर चारों को गिरफ्तार कर लिया।

पंजाब का तस्कर मास्टरमाइंड, छात्र समेत चार युवक गिरफ्तार

इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड पंजाब का गुरमेल सिंह बताया जा रहा है, जिसने युवाओं को लालच देकर इस तस्करी में शामिल किया। गिरफ्तार आरोपियों में एक एग्रीकल्चर कॉलेज का छात्र भी शामिल है।

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