Mahashivratri 2026: भोलेनाथ के भक्तों के लिए बड़ी खबर! महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी 2026 को रविवार के दिन मनाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि सबसे शुभ मानी जाने वाली निशीथ काल की पूजा के लिए सिर्फ 50 मिनट का समय मिलेगा।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल महाशिवरात्रि पर रविवार का योग बन रहा है जो अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है। पंचांग विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि निशीथ काल की पूजा का समय बेहद कम होने के कारण भक्तों को समय से तैयारी कर लेनी चाहिए। निशीथ काल में सिर्फ 50 मिनट – यह है Golden Time
महाशिवरात्रि की सबसे महत्वपूर्ण पूजा – निशीथ काल पूजा का समय:
⏰ 15 फरवरी 2026 की रात 11:52 बजे से 16 फरवरी 2026 की सुबह 12:42 बजे तक
अवधि: केवल 50 मिनट!
धार्मिक मान्यता है कि इस आधे घंटे से थोड़े ज्यादा समय में की गई पूजा का फल सबसे अधिक मिलता है। इस दौरान भगवान शिव सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं और भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।
Table of Contents
महाशिवरात्रि की तारीख
15 फरवरी 2026, रविवार (रविवार + शिवरात्रि = डबल शुभ योग!)
चतुर्दशी तिथि
- शुरुआत: 15 फरवरी, शाम 5:04 बजे
- समाप्ति: 16 फरवरी, सुबह 5:34 बजे
चार प्रहर की पूजा – Minute-by-Minute Schedule
प्रथम प्रहर (पहली पूजा)
15 फरवरी, शाम 6:01 बजे से रात 9:09 बजे तक
अवधि: 3 घंटे 8 मिनट
द्वितीय प्रहर (दूसरी पूजा)
रात 9:09 बजे से 16 फरवरी, 12:17 AM तक
अवधि: 3 घंटे 8 मिनट
तृतीय प्रहर (तीसरी पूजा)
16 फरवरी, 12:17 AM से 3:25 AM तक
अवधि: 3 घंटे 8 मिनट
चतुर्थ प्रहर (चौथी पूजा)
16 फरवरी, 3:25 AM से 6:33 AM तक
अवधि: 3 घंटे 8 मिनट
व्रत तोड़ने का समय (पारण)
16 फरवरी, सुबह 6:33 बजे से दोपहर 3:10 बजे तक
Important: 6:33 AM से एक मिनट भी पहले पारण नहीं करना है!
Viral हो रहा है यह मुहूर्त – Experts बता रहे हैं खास बात
ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित राजेश शर्मा कहते हैं, “इस साल महाशिवरात्रि पर रविवार का दिन पड़ना अत्यंत शुभ है। रविवार सूर्य का दिन है और भगवान शिव सूर्य के आराध्य देव हैं। ऐसे में इस संयोग में की गई पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है।”
क्यों है निशीथ काल सबसे खास?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार निशीथ काल वह समय होता है जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इसलिए इस समय की पूजा का महत्व सर्वाधिक है।
मान्यता है कि: ✅ इस समय शिव-पार्वती धरती पर विचरण करते हैं ✅ भक्तों की प्रार्थनाएं सीधे उन तक पहुंचती हैं ✅ सभी मनोकामनाएं तुरंत पूर्ण होती हैं ✅ पिछले जन्मों के पाप धुल जाते हैं
5 Minute में समझें पूजा विधि – Step by Step
सुबह की तैयारी (सूर्योदय से पहले)
1️⃣ ब्रह्म मुहूर्त में उठें (4-5 AM) 2️⃣ स्नान करके शुद्ध हो जाएं 3️⃣ संकल्प लें: “मैं आज पूरे दिन व्रत रखूंगा” 4️⃣ पूजा की सामग्री तैयार रखें
शाम की पूजा (प्रथम प्रहर – 6:01 PM)
5️⃣ शिवलिंग का जलाभिषेक – दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल से 6️⃣ बेलपत्र चढ़ाएं – हर पत्ते के साथ “ॐ नमः शिवाय” 7️⃣ धतूरा, भांग, आक के फूल अर्पित करें 8️⃣ चंदन, भस्म का तिलक लगाएं 9️⃣ धूप-दीप जलाएं 🔟 “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें
निशीथ काल की खास पूजा (11:52 PM)
यह 50 मिनट सबसे Important हैं!
- दूध से विशेष अभिषेक करें
- रुद्राभिषेक करें
- महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें
- शिव चालीसा पढ़ें
- बेलपत्र की माला चढ़ाएं
जरूरी मंत्र
पंचाक्षर मंत्र:
ॐ नमः शिवाय
महामृत्युंजय मंत्र:
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
शिव गायत्री मंत्र:
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
Expert Tips: ये 7 गलतियां मत करना!
❌ गलती 1: व्रत के दौरान अन्न खा लेना
✅ सही: केवल फल, दूध, मेवे – कुछ नहीं तो सिर्फ पानी
❌ गलती 2: पारण जल्दी कर देना
✅ सही: 16 फरवरी सुबह 6:33 के बाद ही
❌ गलती 3: निशीथ काल miss कर देना
✅ सही: Alarm लगा लें रात 11:45 PM का
❌ गलती 4: गुस्सा करना या झूठ बोलना
✅ सही: पूरे दिन शांत और सच्चे रहें
❌ गलती 5: बेलपत्र उल्टा चढ़ाना
✅ सही: चिकनी तरफ ऊपर, तीन पत्तों वाला
❌ गलती 6: सोते रहना (रात्रि जागरण जरूरी)
✅ सही: कम से कम निशीथ काल में जागें
❌ गलती 7: मोबाइल में व्यस्त रहना
✅ सही: पूजा के समय मोबाइल बंद रखें
इन लोगों को खासतौर पर करनी चाहिए पूजा
विवाह में देरी हो रही है?
महाशिवरात्रि पर विधि-विधान से पूजा करने से विवाह की बाधाएं दूर होती हैं। कुंवारी लड़कियां भगवान शिव से अच्छे वर की प्रार्थना करें।
संतान सुख नहीं मिल रहा?
शिव-पार्वती की पूजा से संतान प्राप्ति होती है। निशीथ काल में विशेष प्रार्थना करें।
नौकरी-व्यापार में समस्या?
महादेव की कृपा से करियर में तरक्की और व्यापार में वृद्धि होती है।
स्वास्थ्य खराब रहता है?
महामृत्युंजय मंत्र का जाप रोगों से मुक्ति दिलाता है।
मन अशांत रहता है?
शिव की आराधना से मानसिक शांति मिलती है।
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जरूरी चीजें (Must Have):
✅ बेलपत्र (ताजे) ✅ दूध (गाय का) ✅ दही, घी, शहद ✅ गंगाजल ✅ धतूरा ✅ भांग ✅ आक के फूल ✅ चंदन ✅ रुद्राक्ष माला ✅ दीपक और कपूर ✅ अगरबत्ती ✅ नारियल ✅ फल ✅ मिठाई (प्रसाद के लिए)
Optional (अगर मिल जाए):
⭐ शमी के पत्ते ⭐ गन्ने का रस ⭐ पान-सुपारी ⭐ इलायची-लौंग
इस बार खास क्या है? 3 बड़ी बातें
1️⃣ रविवार का योग (50 साल में दुर्लभ!)
रविवार को महाशिवरात्रि पड़ना बहुत कम होता है। आखिरी बार 2015 में ऐसा हुआ था।
2️⃣ निशीथ काल सिर्फ 50 मिनट (Record Short!)
आमतौर पर 1-1.5 घंटे का मिलता है। इस बार बेहद कम समय।
3️⃣ चतुर्दशी का Perfect Timing
चतुर्दशी तिथि का समय इतना सटीक है कि उदया तिथि में कोई confusion नहीं।
FAQs – आपके सवाल, हमारे जवाब
Q: क्या मैं पानी पी सकता हूं व्रत में?
A: हां, पानी पी सकते हैं। निर्जला व्रत optional है।
Q: फल खा सकते हैं?
A: हां, फल, दूध, मेवे खा सकते हैं। अन्न वर्जित है।
Q: चारों प्रहर की पूजा जरूरी है?
A: Ideal है लेकिन कम से कम निशीथ काल की जरूर करें।
Q: घर पर पूजा कर सकते हैं?
A: बिल्कुल! घर पर पूजा उतनी ही फलदायी है।
Q: पारण में क्या खाएं?
A: सात्विक भोजन – फल, दूध, या हल्का खाना।
Q: क्या महिलाएं व्रत कर सकती हैं?
A: हां, सभी कर सकते हैं। Periods में भी मानसिक पूजा कर सकती हैं।
Conclusion: Miss मत करना यह Golden Opportunity!
महाशिवरात्रि 2026 भोलेनाथ को प्रसन्न करने और उनकी असीम कृपा पाने का सुनहरा मौका है। खासकर इस बार रविवार का दुर्लभ योग बन रहा है जो 50 साल में एक बार आता है।
याद रखें: 🔔 15 फरवरी 2026, रविवार 🔔 निशीथ काल: रात 11:52 – 12:42 (सिर्फ 50 मिनट!) 🔔 पारण: 16 फरवरी सुबह 6:33 के बाद
Disclaimer: यह जानकारी पंचांग और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। मुहूर्त में क्षेत्रीय अंतर संभव है। स्थानीय पंचांग से verify करें।
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